Fact

तोते इंसानो की तरह कैसे बोल पाते है?

दोस्तों, आपने अक्सर तोते को इंसानों की तरह शब्द बोलते और उनकी आवाज की नकल करते हुए सुना होगा। कई तोते अपने मालिक की आवाज, मोबाइल की रिंगटोन और रोजमर्रा में बोले जाने वाले शब्दों की नकल भी कर लेते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि तोते ऐसा कैसे कर पाते हैं? क्या वे इंसानों की भाषा को वास्तव में समझते भी हैं? आइए जानते हैं इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण।

तोते इंसानों की आवाज की नकल कैसे करते हैं?

तोते इंसानों की तरह बोलने के लिए अपने गले और मुंह का इस्तेमाल बिल्कुल उसी तरह नहीं करते, जैसे मनुष्य करता है। इंसानों में आवाज पैदा करने के लिए स्वरयंत्र (Larynx) का उपयोग होता है, जबकि पक्षियों में आवाज पैदा करने वाला विशेष अंग सिरिंक्स (Syrinx) कहलाता है। यह अंग पक्षियों की श्वासनली के निचले हिस्से में स्थित होता है और आवाज निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। तोते अपनी जीभ, चोंच और सिरिंक्स की मदद से आवाज में बदलाव कर सकते हैं। इसी कारण वे इंसानों द्वारा बोले जाने वाले शब्दों और ध्वनियों की नकल करने में सक्षम होते हैं।

तोते के दिमाग में आवाज सीखने की विशेष क्षमता होती है

वैज्ञानिकों के अनुसार, तोते उन पक्षियों में शामिल हैं जिनमें वोकल लर्निंग (Vocal Learning) की क्षमता होती है। इसका मतलब है कि वे दूसरी आवाजों को सुनकर उन्हें सीख सकते हैं और दोबारा दोहराने की कोशिश कर सकते हैं। तोते के मस्तिष्क में आवाज सीखने और उसे नियंत्रित करने से जुड़े विशेष तंत्रिका-समूह होते हैं। इन्हें वोकल लर्निंग सर्किट कहा जाता है। इनकी सहायता से तोते आवाजों को सुनते हैं, उनका अभ्यास करते हैं और समय के साथ उनकी नकल करना सीख सकते हैं। कुछ अध्ययनों में तोतों के मस्तिष्क में वोकल लर्निंग से जुड़े मुख्य तंत्रिका-समूहों के आसपास अतिरिक्त कोशिकीय परतों या विशेष संरचनाओं का भी वर्णन किया गया है। हालांकि, सभी तोतों में बोलने की क्षमता समान नहीं होती और इसे केवल किसी एक कोशिका के आकार से नहीं समझाया जा सकता।

क्या तोते इंसानों की भाषा समझते हैं?

तोते का किसी शब्द को बोलना और उस शब्द का अर्थ समझना दो अलग-अलग बातें हैं। कई तोते सुनी हुई आवाजों की नकल करते हैं, लेकिन कुछ तोते प्रशिक्षण के दौरान शब्दों को वस्तुओं, गतिविधियों या परिस्थितियों से जोड़ना भी सीख सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि किसी तोते को खाना देते समय बार-बार कोई विशेष शब्द बोला जाए, तो वह उस शब्द को खाने के समय से जोड़ सकता है। कुछ प्रशिक्षित तोते रंगों, वस्तुओं या सरल संकेतों के बीच अंतर भी पहचान सकते हैं। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि वे मनुष्यों की तरह पूरी भाषा और उसके व्याकरण को समझते हैं।

कौन-से तोते सबसे अच्छी तरह बोल सकते हैं?

अफ्रीकी ग्रे तोता अपनी आवाज की नकल करने और कई शब्द सीखने की क्षमता के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। इसके अलावा अमेजन तोते, कुछ कॉकटू और कई अन्य तोते भी इंसानों की आवाज की नकल कर सकते हैं। हर तोते की सीखने की क्षमता अलग होती है। उसकी प्रजाति, उम्र, आसपास का वातावरण, इंसानों के साथ बातचीत और अभ्यास जैसे कारक इस क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए हर तोते का स्पष्ट शब्द बोलना जरूरी नहीं है।

निष्कर्ष

तोते इंसानों की आवाज की नकल इसलिए कर पाते हैं क्योंकि उनके पास आवाज पैदा करने वाला विशेष अंग सिरिंक्स और ध्वनियों को सुनकर सीखने की क्षमता होती है। उनका मस्तिष्क सुनी गई आवाजों को सीखने और दोहराने में मदद करता है। कुछ तोते शब्दों को विशेष परिस्थितियों से जोड़ना भी सीख सकते हैं, लेकिन उनकी बोलने की क्षमता मनुष्यों की भाषा सीखने की प्रक्रिया से अलग होती है। इस प्रकार, तोते का बोलना प्रकृति की एक रोचक विशेषता है, जो पक्षियों की सीखने और आवाजों की नकल करने की अद्भुत क्षमता को दर्शाती है।

इसे भी पढ़े – पैराशूट की बोतल पर हेयर ऑयल क्यों नहीं लिखा होता?