2026 निपाह वायरस अपडेट: भारत-बांग्लादेश में हाल की स्थिति, लक्षण, फैलाव, जोखिम और बचाव
2026 निपाह वायरस अपडेट: हाल की स्थिति और जोखिम का विश्लेषण
निपाह वायरस (Nipah Virus – NiV) एक गंभीर ज़ूनोटिक संक्रमण है जो अधिकांशतः जानवरों विशेषकर फल खाने वाले चमगादड़ों (fruit bats) से इंसानों में फैलता है। यह बीमारी गंभीर तेजी से फैलने वाले और उच्च मृत्यु दर वाले संक्रमणों में से एक मानी जाती है, जिसका कोई अनुमोदित इलाज या वैक्सीन फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
2026 के प्रमुख अपडेट्स
भारत – पश्चिम बंगाल
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जनवरी 2026 में पश्चिम बंगाल के बारासात (Barasat) में दो लैब पुष्टि किए गए मामले रिपोर्ट हुए, दोनों स्वास्थ्य कर्मी थे।
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संदिग्ध संपर्कों के लगभग 196 लोगों की जांच की गई, और सभी के परीक्षण नकारात्मक आए।
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WHO ने कहा है कि इस समय राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर जोखिम कम आंका गया है, हालांकि नुकसानदेह होने की क्षमता है।
बांग्लादेश – पहला मृत्तक मामला
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फरवरी 2026 में बांग्लादेश के नाओगांव जिला (Naogaon District) में एक महिला की निपाह वायरस से मौत की पुष्टि हुई है।
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इस मामले से जुड़े संपर्कों की निगरानी और परीक्षण जारी है।
कैसे फैलता है निपाह वायरस?
निपाह वायरस आमतौर पर फैलता है:
✔ चमगादड़ से मानवों में (जैसे कच्चे खजूर के रस/पाम सैप के माध्यम से)
✔ दूषित खाद्य सामग्री के सेवन से
✔ संक्रमित इंसान के सीधे संपर्क में आने से (विशेष रूप से शरीर के तरल पदार्थ)
✔ संक्रमित जानवरों के संपर्क में आने से
लक्षण (Symptoms)
निपाह वायरस के लक्षण आमतौर पर 4–14 दिनों के भीतर दिखते हैं और शामिल हो सकते हैं:
• तेज बुखार
• सिरदर्द
• कमजोरी
• सांस की तकलीफ/न्यूमोनिया
• तंत्रिका तंत्र पर प्रभाव (इन्सेफलाइटिस/सीज़र्स)
• भ्रम/बेहोशी
🚨 भय नहीं, सतर्क रहें:
अत्यधिक फैलाव की संभावना कम है, और WHO ने अंतरराष्ट्रीय यात्रा या व्यापार पर प्रतिबंध न लगाने की सलाह दी है।
बचाव के उपाय (Precautions)
✔ चमगादड़ के संपर्क वाले खानों से सावधान रहें
✔ कच्चे या बिना पका खजूर के रस/सैप का सेवन न करें
✔ संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क से बचें
✔ बार-बार हाथ धोएं
✔ स्वास्थ्य सेवा से तुरंत सलाह लें यदि लक्षण दिखें
निष्कर्ष (Conclusion)
2026 के निपाह वायरस मामलों ने दक्षिण एशिया में अलर्ट बढ़ा दिया है, लेकिन स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल व्यापक फैलाव की आशंका कम है और जोखिम प्रबंधित किया जा रहा है। सही जानकारी और सावधानी से आप और आपका परिवार सुरक्षित रह सकते हैं।
