कपिंग थेरेपी के 5 फायदे।
रक्त संचार और दर्द संबंधी समस्याओं के लिए एक वैकल्पिक उपचार पद्धति कपिंग थेरेपी एक प्राचीन सांस्कृतिक पद्धति है जो हाल ही में ज्याद प्रचलित हुई है। कपिंग थेरिपी के प्रयोग से शरीर को स्वस्थ और शुद्ध किया जा सकता है। कपिंग थेरेपी करने के लिए चिकित्सक विभिन्न सामग्रियों और विधियों का प्रयोग करते है, जिसमें काँच, सिलिकॉन, बाँस या मिट्टी के बर्तन का उपयोग करते है। पंप सक्शन या गर्मी का उपयोग करके वैक्यूम बनाकर त्वचा को कप के अंदर खींचा जाता है, जिसे कपिंग थेरेपी कहा जाता है।
कपिंग थेरेपी के लाभ –
1. पुराने दर्द में सुधार – कपिंग थेरिपी का इस्तेमाल अक्सर पुराने से पुराने दर्द को दूर करने के लिए किया जाता है। रुमेटॉइड आर्थराइटिस, फाइब्रोमायल्जिया या अन्य लंबे समय से चल रहे दर्द से पीड़ित लोग अक्सर इस थेरेपी का उपयोग करते है।
2. रक्त परिसंचरण में सुधार – कपिंग थेरेपी रक्त प्रवाह को बढ़ाती है, जिससे शरीर में बेचैनी या दर्द से राहत पाने में मदद मिलती है। कपिंग थेरेपी द्वारा शरीर में उत्पन्न सक्शन शरीर में रुके हुए तरल पदार्थो को बाहर निकालने में मदद करती है, जिससे शरीर में पोषक तत्वो और ऑक्सीजन की आपूर्ती का अवशोषण बढ़ता है। कपिंग थेरिपी करने के बाद शरीर ठीक से काम करता है।
3. सूजन कम करने में सहायक – कपिंग थेरेपी करने के बाद शरीर की सूजन को कम किया जा सकता है, क्योकि कपिंग थेरेपी करने के बाद शरीर की मसल्स को रिलैक्स मिलता है जिससे शरीर में लोचता बनी रहती है और सूजन कम हो जाती है। कपिंग थेरेपी करने से फाइब्रोमायल्जिया, गठिया, दर्द और पीड़ा जैसी पुरानी बीमारियों को भी ठीक किया जा सकता है।
4. मांसपेशियों का तनाव कम करता है – कपिंग थेरेपी तनावग्रस्त मांसपेशियों को आराम पहुँचाती है, जिससे अकडन और दर्द में आराम मिलता है। कप द्वारा उत्पन्न सक्शन मांसपेशियों की ऐठन को कम करने मे मदद करता है, जिससे शरीर की मांपोशियों को आराम मिलता है।
5. पाचन में सुधार लाये – कपिंग थेरिपी हार्मोनों के स्राव और एंजाइमो को उत्तेजित करके आपके पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करती है। इससे, कब्ज और गैस, पोषक तत्वों के अवशोषण में सुधार और पेट फूलना जैसी समस्याओं से राहत मिलती है।

