Health

आंवला खाने के फायदे, आंवला खाने के लाभ/ Benefits of eating amla (Gooseberry).

    आंवले के बारे मे तो हर कोई जानता हि होगा। आंवला एक ऐसा फल है जो स्वाद मे कसैला होता है लेकिन यह अनेक रोगो को जड से उखाड़ फैकने की क्षमता रखता है।  अपने विभिन्न औषधीय गुणों के कारण आयुर्वेद मे इसे अमृत फल कहा जाता है। आंवले मे सर्वाधिक मात्रा मे विटामिन-सी तो होता हि है लेकिन इसके साथ-साथ इसमें विटामिन-डी, विटामिन-बी, प्रोटिन, वसा, फाइबर और खनीज लवण भी पाएं जाते है।

आंवला खाने के फायदे

आंवला एक पौष्टिक फल माना जाता है और इसका इस्तेमाल भारतीय खान-पान के साथ-साथ पारंपरिक घरेलू नुस्खों में भी लंबे समय से किया जाता रहा है। आंवले में विटामिन C सहित कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। नीचे आंवले से जुड़े कुछ पारंपरिक उपयोग बताए गए हैं।

➤ आंवले का मुरब्बा: प्रतिदिन एक आंवले का मुरब्बा खाने की परंपरा रही है। आंवले का उपयोग त्रिफला चूर्ण बनाने में भी किया जाता है, जिसका सेवन पारंपरिक रूप से पाचन से जुड़ी समस्याओं के लिए किया जाता है। आंवले के चूर्ण को मक्खन और शहद के साथ लेने का भी घरेलू नुस्खों में उल्लेख मिलता है।

➤ एसिडिटी और अपच के लिए: आंवला, हरा धनिया, अदरक और थोड़ा नमक मिलाकर चटनी बनाई जा सकती है। इसमें जीरा, काली मिर्च और काला नमक मिलाया जाता है। इसे पारंपरिक रूप से गैस, अपच और पेट की परेशानी में उपयोग किया जाता है। आंवले के चूर्ण का सेवन भी कुछ लोग एसिडिटी के लिए करते हैं।

➤ पौष्टिक मिश्रण: आंवले के चूर्ण में देसी घी, शहद और काले तिल मिलाकर पारंपरिक रूप से मिश्रण तैयार किया जाता है। इसका थोड़ी मात्रा में सेवन दूध के साथ किया जाता है। इसे शरीर को पोषण देने वाला घरेलू नुस्खा माना जाता है।

➤ हिचकी में उपयोग: आंवले के चूर्ण को छोटी पीपल और कैथे के पाउडर के साथ मिलाकर शहद के साथ लेने का उल्लेख पारंपरिक घरेलू नुस्खों में मिलता है। हालांकि लगातार या बार-बार हिचकी आने पर डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।

➤ बालों के लिए आंवला: आंवला, शिकाकाई और रीठा का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से बालों की देखभाल के लिए किया जाता है। इसके अलावा आंवले के रस को नारियल तेल के साथ मिलाकर बालों की जड़ों में मालिश भी की जाती है। इससे बालों को पोषण और देखभाल मिल सकती है, लेकिन बाल झड़ना पूरी तरह रोकने का दावा नहीं किया जा सकता।

➤ पीलिया में: आंवले के रस को गन्ने के रस और शहद के साथ लेने का उल्लेख पुराने घरेलू नुस्खों में मिलता है। लेकिन पीलिया होने पर केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, क्योंकि इसके कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं और डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

➤ वजन को नियंत्रित करने के लिए: आंवले का रस पारंपरिक रूप से स्वास्थ्यवर्धक पेय के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि केवल आंवले का रस पीने से मोटापा कम होने की गारंटी नहीं है। वजन नियंत्रित करने के लिए संतुलित आहार और नियमित शारीरिक गतिविधि भी जरूरी है।

➤ नींद के लिए: रात में आंवले के रस का सेवन करने का उल्लेख कुछ घरेलू नुस्खों में मिलता है। हालांकि अनिद्रा लंबे समय तक बनी रहे तो इसके कारण को समझने के लिए डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।

➤ सूखी खांसी में: एक चम्मच आंवले के रस में शहद मिलाकर लेने का घरेलू नुस्खों में इस्तेमाल किया जाता है। शहद गले को आराम देने में मदद कर सकता है, लेकिन लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी या तेज बुखार होने पर चिकित्सकीय सलाह जरूरी है।

➤ मूत्र संबंधी परेशानी: आंवले के रस में थोड़ी मात्रा में इलायची का चूर्ण मिलाकर लेने का भी पारंपरिक नुस्खों में उल्लेख मिलता है। हालांकि पेशाब में जलन, दर्द, बार-बार पेशाब आना या अन्य समस्या होने पर सही कारण जानने के लिए डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है।

ध्यान दें: आंवला पौष्टिक फल है, लेकिन किसी बीमारी के इलाज के लिए केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। किसी विशेष बीमारी या लगातार बनी रहने वाली समस्या में योग्य डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

इसे भी पढ़े – तुलसी के चमत्कारी गुण: तुलसी खाने के फायदे और उपयोग |